June 5, 2026 04:26 PM
संत कबीर
कोटि कोटि करम लागे रहे, एक क्रोध की लार। किया कराया सब गया, जब आया हंकार॥ या रचनेत संत कबीर
June 5, 2026 04:26 PM
कोटि कोटि करम लागे रहे, एक क्रोध की लार। किया कराया सब गया, जब आया हंकार॥ या रचनेत संत कबीर
February 6, 2026 09:11 AM
पंडित होय के आसन मारे पंडित होय के आसन मारे, लंबी माला जपत है। अंतर तेरे कपट करतनी, सो भी साहब लिखता है ।। - डॉ.
January 31, 2026 08:43 AM
हीरा वहाँ न खोलिये हीरा वहाँ न खोलिये, जहाँ खोटी है हाट। कस करि बाँधो गाँठरी, ऊठ कर चालो बाट।। -
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