July 10, 2026 02:47 PM
संत मुक्ताबाई
प्रकृती निर्गुण प्रकृती सगुण। दीपें दीप पूर्ण एका तत्त्वे।। देखिले गे माये पंढरी पाटणी। पुंडलिका अंगणी
July 10, 2026 02:47 PM
प्रकृती निर्गुण प्रकृती सगुण। दीपें दीप पूर्ण एका तत्त्वे।। देखिले गे माये पंढरी पाटणी। पुंडलिका अंगणी
June 18, 2026 02:48 PM
एवढासा माझा भाव तो कायी। तेवढाचि तुमचिये ठेविला पायीं॥ परी तुमचें अगाध देणें। जाणवलें
January 20, 2026 09:22 AM
कोण जाणे कैसी परी। पुढे उरी ठेविता ।। अवघे धन्य होऊ आता। स्मरविता स्मरण ॥ तुका म्हणे अवधी जोडी। वे आवडी चरणांची
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