Saturday, February 14, 2026

श्रध्दा-संस्कृती

संत कबीर

पंडित होय के आसन मारे पंडित होय के आसन मारे, लंबी माला जपत है। अंतर तेरे कपट करतनी, सो भी साहब लिखता है ।। - डॉ.

February 6, 2026 09:11 AM

संत कबीर